
देहरादून: 12 जून 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से करना न केवल हास्यास्पद है बल्कि पूरी तरह बेईमानी है। यह बात एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आज अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से कही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान, “कांग्रेस राज में सिर्फ घोषणाएं होती थीं, भाजपा राज में शिलान्यास और उद्घाटन होते हैं” पर प्रतिक्रिया देते हुए धस्माना ने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है। इसमें घोषणाएं, शिलान्यास व उद्घाटन चलते रहते हैं, लेकिन किसी भी सरकार की समीक्षा उसकी नीति और नीयत से होती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री बनने से पहले हर साल दो करोड़ रोजगार का वादा किया था। इस हिसाब से 12 वर्षों में 24 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए था, किंतु आज बेरोजगारी दर पिछले 50 सालों में सबसे ज्यादा है। काला धन वापसी का वादा भी जुमला साबित हुआ।
सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि 2022 चुनाव से पहले पीएम मोदी ने कहा था कि कोई नागरिक बेघर नहीं रहेगा, लेकिन आज करोड़ों लोग बेघर हैं। 2024 में कहा गया कि 2026 तक भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था और पांच ट्रिलियन की इकॉनमी बनेगा, जबकि आज चार ट्रिलियन के साथ भारत छठे नंबर पर है।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 40 हजार एमएसएमई बंद हुए और विदेशी निवेशक भारत छोड़ रहे हैं। नीट समेत 89 पेपर लीक का रिकॉर्ड भी मोदी सरकार के नाम है।
धस्माना ने कहा कि पंडित नेहरू ने आधुनिक भारत की नींव रखी। आईआईटी, आईआईएम, एम्स, भारी उद्योग और नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम उनकी दूरदृष्टि व वैज्ञानिक सोच का परिणाम हैं। इसलिए नेहरू से मोदी की तुलना हास्यास्पद ही हो सकती है।

